प्राचार्य
मैंने केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 1 के प्रधानाचार्य का महत्वपूर्ण दायित्व संभाला। 2, बालासोर दिनांक 21.08.2023 को। मुझे इस मंच के माध्यम से सभी अभिभावकों, स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों का अभिवादन करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।
यह हमारा परम कर्तव्य है कि हम अतीत की अच्छाइयों का सम्मान करें और उन पर निर्माण करें तथा वर्तमान को अपनी भावी योजनाओं में शामिल करें। यह सहस्राब्दि सामाजिक/आर्थिक, सांस्कृतिक, तकनीकी और सबसे बढ़कर शैक्षिक व्यवस्था में परिवर्तन के साथ आगे बढ़ रही है। शिक्षा में नए रुझान अनुशासित तरीके से मानव संसाधनों के पूर्ण उपयोग का संकेत देते हैं, जिससे एक समग्र मानव का निर्माण होता है, जो ज्ञान, जिज्ञासा, साहस, आत्मविश्वास और समझ में निरंतर वृद्धि करता है। समय की मांग है कि हम सभी – शिक्षक, अभिभावक और छात्र – उभरते समय के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए पुनर्मूल्यांकन, पुनर्संयोजन और पुनः ऊर्जा प्राप्त करना सीखें।
मैं शिक्षा के हितधारकों के रूप में शिक्षकों से आग्रह करता हूं कि वे हमारे विद्यार्थियों के मन और आत्मा को एक आदर्श बदलाव के लिए प्रकाशित करें। मात्र ज्ञान अर्जन से लेकर ज्ञान सृजन तक।
मेरे प्यारे विद्यार्थियों, जीवन एक बाधा दौड़ है। अपने लिए एक स्थान बनाने के लिए अपनी क्षमताओं में दृढ़ विश्वास, लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प और सही रास्ते पर अडिग रहने की इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। वर्तमान समय में अपने कार्य के प्रति दृढ़ निष्ठा और समर्पण की भावना तथा प्रतिकूल परिस्थितियों में शक्ति प्राप्त करने के लिए जीवन के प्रति आशावादी दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
प्रिय माता-पिता, घर वह स्थान है जहाँ प्रेम, करुणा जैसे गुण विकसित होते हैं; सहिष्णुता और सद्भावना विकसित की जाती है। अपने बच्चे के पालन-पोषण में अपना प्यार, देखभाल और गुणवत्तापूर्ण समय लगाएं। मैं विद्यार्थियों को सार्थक शिक्षा प्रदान करने में आपके सहयोग एवं बहुमूल्य सुझावों की प्रतीक्षा कर रहा हूँ।
आइए हम सब मिलकर ईश्वर द्वारा मनुष्य को दिए गए सबसे अनमोल उपहार, हमारे बच्चों के विकास में अपना योगदान दें। आइए हम उन्हें सही दृष्टिकोण से विकसित करें और आगे बढ़ाएँ।